What is aim of Human Life? मनुष्य शरीर का क्‍या उद्देश्य है?

Q. निम्न गद्यांश को पढ़ कर नीचे दिये गये प्रश्नों के उत्तर दो:
विश्व का वर्तमान उन्‍नत रूप मानव श्रम की ही कहानी कह रहा है। गगनचुंवी अट्टालिकाएँ, लंबी-चौड़ी सड़कें बड़े बड़े विशाल नगर, आकाश  में उड़ते वायुयान तथा मानव जीवन को सुखी और समृद्ध बनाने में योगदान करने वाले ज्ञान-विज्ञान के अनंत रूप ये सभी मनुष्य के श्रेम का जयघोष करते है। स्पष्ट है कि मनुष्य और उसका शरीर विधाता की अनुपम रचना है जो निश्चय ही महान उद्देश्य की संपूर्ति के लिए दिया गया है। इस दुर्लभ तन को यदि हम आलस्य, प्रमोद अथवा घाटिया कामों में गँवा देते है तो उस  विधाता के प्रति अन्याय करते है। 

(क) आज के विश्व का अनन्त रुप मानव श्रम की कहानी किस प्रकार कह रहा है ?
(ख) मनुष्य शरीर का क्‍या उद्देश्य है ?
(ग) उपयुक्त गद्यांश में किस बात को बिधाता के प्रति अन्याय कहा गया है ?
(घ) मामव शरीर को विधाता की अनुपम रचना क्यों कहा गया है ?
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